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आत्मनिर्भरता की मिसाल होशियारपुर में सरपंच खुद बनते हैं 'गेटमैन', गांव की सुरक्षा के लिए ट्रेन को दिखाते हैं हरी झंडी

पंजाब के होशियारपुर जिले के बसियाला गांव से नागरिक जिम्मेदारी और निस्वार्थ सेवा की एक अद्भुत कहानी सामने आई है। जहाँ एक तरफ रेलवे आधुनिकता के दावे कर रहा है, वहीं इस गांव के सरपंच गुरदेव सिंह को रोजाना एक रेलवे गेटमैन की भूमिका निभानी पड़ती है। सरकारी तंत्र की अनदेखी के चलते

क्या EPF ब्याज में देरी से होगा नुकसान? करोड़ों कर्मचारियों के सवाल का यहां है जवाब

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) द्वारा वित्त वर्ष 2025-26 के लिए पीएफ (PF) जमा पर 8.25% की ब्याज दर को बरकरार रखने के फैसले को तीन महीने का समय होने जा रहा है. नया वित्त वर्ष 2026-27 शुरू हुए भी दो महीने से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन देश के करोड़ों नौकरीपेशा कर्मचारियों के मन में इस समय एक ही बड़ा सवाल तैर रहा है— "आखिर हमारे पीएफ खातों में ब्याज का पैसा कब क्रेडिट होगा और इस प्रशासनिक देरी के कारण क्या हमें कोई वित्तीय नुकसान उठाना पड़ रहा है?"

कब घोषित हुई थी 8.25% की ब्याज दर?

मार्च 2026 के पहले सप्ताह (2 मार्च 2026) में केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया की अध्यक्षता में आयोजित केंद्रीय न्यासी बोर्ड (CBT) की 239वीं बैठक में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 8.25% वार्षिक ब्याज दर देने की सिफारिश की गई थी. हालांकि, आंतरिक पैनलों और वित्त मंत्रालय की ओर से इसे घटाकर 8.10% करने के सुझाव दिए गए थे, लेकिन कर्मचारी यूनियनों के कड़े रुख के Read more...

हमारे देश की समस्याओं का असली मूल कारण क्या है ?

पुतिन के बाद अब डोनाल्ड ट्रंप ने की PM मोदी की तारीफ, ट्रेड डील पर भी दिया बयान

फ्रांस में होने वाले G7 शिखर सम्मेलन (G7 Summit) से ठीक पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की है। व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने पीएम मोदी को अपना "अच्छा दोस्त" बताते हुए कहा कि भारत और अमेरिका के बीच जल्द ही एक बड़ा व्यापार समझौता (Trade Deal) हो सकता है।

दिलचस्प बात यह है कि ट्रंप के इस बयान से ठीक एक दिन पहले रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी प्रधानमंत्री मोदी की नेतृत्व क्षमता की सराहना की थी।


व्यापार समझौते पर ट्रंप का रुख: तारीफ के साथ टैरिफ पर चिंता

व्हाइट हाउस में मीडिया से मुखातिब होते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने दोनों देशों के मजबूत होते रिश्तों पर जोर दिया, लेकिन साथ ही व्यापारिक मुद्दों पर अपनी पुरानी चिंताएं भी दोहराईं:

  • मजबूत दोस्ती का हवाला: ट्रंप ने कहा, "मुझे प्रधानम Read more...

Reliance Annual Report: रिलायंस की चेतावनी- FY27 में वोलाटाइल रहेगा तेल बाजार; गैस और ग्रीन केमिकल्स से बढ़ेगा मुनाफा!

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) ने अपनी वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) की सालाना रिपोर्ट जारी की है. इस रिपोर्ट में कंपनी ने आने वाले समय को लेकर निवेशकों और बाजार को आगाह किया है. रिलायंस के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026-27 (FY27) में ग्लोबल तेल बाजार (Global Oil Market) में भारी उतार-चढ़ाव और अनिश्चितता देखने को मिल सकती है. वैश्विक स्तर पर चल रही आर्थिक और भू-राजनीतिक परिस्थितियां इस सेक्टर के लिए नई चुनौतियां खड़ी कर रही हैं.

इन 3 बड़े कारणों से बाजार में बनी रहेगी अस्थिरता

रिलायंस ने अपनी रिपोर्ट में उन मुख्य वजहों को रेखांकित किया है, जो आने वाले महीनों में वैश्विक और घरेलू ऊर्जा बाजार को सबसे ज्यादा प्रभावित करेंगी:

  1. कच्चे तेल की ऊंची कीमतें: ग्लोबल मार्केट में क्रूड ऑयल (Crude Oil) के दामों में लगातार बनी हुई तेजी रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल मार्जिन पर दबाव डाल सकती Read more...

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‘ग्राम चिकित्सालय 2’ की वापसी तय, नए सीजन में बढ़ेंगी डॉक्टर प्रभात की चुनौतियां

ग्रामीण जीवन पर आधारित लोकप्रिय वेब सीरीज ‘ग्राम चिकित्सालय’ का दूसरा सीजन जल्द ही दर्शकों के बीच आने वाला है। मेकर्स ने हाल ही मेंसोशल मीडिया पर नया पोस्टर जारी करते हुए इसकी रिलीज डेट का ऐलान किया है। पहले सीजन को मिली शानदार प्रतिक्रिया के बाद अब दर्शकोंको कहानी के अगले अध्याय का बेसब्री से इंतजार है। यह नया सीजन 23 जून से ओटीटी प्लेटफॉर्म प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम होगा।

‘ग्राम चिकित्सालय 2’ की कहानी एक बार फिर भातकांडी गांव और वहां के सरकारी अस्पताल के इर्द-गिर्द घूमेगी। सीरीज के मुख्य किरदार डॉक्टरप्रभात, जिनकी भूमिका अमोल पाराशर निभा रहे हैं, गांव की स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाने के मिशन में जुटे दिखाई देंगे। हालांकि इस बार उनकारास्ता पहले से कहीं ज्यादा कठिन होगा और उन्हें कई नई सामाजिक व प्रशासनिक चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा।

निर्देशक ललितम तिवारी का कहना है कि यह सीजन सिर्फ मनोरंजन तक सी Read more...

FIFA World Cup 2026: अर्जेंटीना की टीम फिर बनेगी वर्ल्ड चैंपियन? नाइजीरिया से जुड़ा है खास कनेक्शन

फीफा वर्ल्ड कप 2026 (FIFA World Cup 2026) का रोमांचक आगाज 11 जून से होने जा रहा है। इस बार टूर्नामेंट में डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना की टीम अपने खिताब को बचाने के इरादे से मैदान पर उतरेगी। लियोनेल मेसी की अगुवाई में अर्जेंटीना ने पिछले एडिशन (2022) के ऐतिहासिक फाइनल में फ्रांस को पेनल्टी शूटआउट में हराकर तीसरी बार विश्व कप की ट्रॉफी चूमी थी।

इस बार (2026) के टूर्नामेंट के शुरू होने से पहले ही एक बेहद अनोखा और दिलचस्प संयोग सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। इस संयोग को देखने के बाद फैंस को पूरी उम्मीद है कि अर्जेंटीना की टीम इस बार भी अपना टाइटल डिफेंड करने में सफल रहेगी। दरअसल, यह पूरा कनेक्शन नाइजीरिया और अर्जेंटीना की टीमों के बीच फीफा वर्ल्ड कप के इतिहास से जुड़ा है।


नाइजीरिया का बाहर होना और अर्जेंटीना की 'लकी' किस्मत

फुटबॉल की दुनिया अक्सर अजीबोगरीब संयोगों और दिलचस्प आंकड़ों से घिरी रहती है। नाइजीरिया का वर्ल्ड कप Read more...

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अब मच्छरों को भगाने वाली दवा (Repellent) से प्यार करना सीख रहे हैं मच्छर, नया शोध

मच्छरों को लेकर एक ऐसा चौंकाने वाला खुलासा हुआ है जिसने वैज्ञानिकों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है। एक नए शोध के अनुसार, मच्छर अब दुनिया के सबसे लोकप्रिय मॉस्किटो रिपेलेंट (मच्छर भगाने वाली दवा) 'डीईईटी' (DEET) से दूर भागने के बजाय उसकी ओर आकर्षित होना सीख रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह बदलाव आने वाले समय में मच्छरों पर काबू पाने की हमारी रणनीतियों को फेल कर सकता है।
क्या है पूरा मामला?
जर्नल ऑफ एक्सपेरिमेंटल बायोलॉजी (Journal of Experimental Biology) में प्रकाशित इस स्टडी को वर्जीनिया टेक और फ्रांस की यूनिवर्सिटी ऑफ टूर्स के शोधकर्ताओं ने मिलकर किया है। इसमें पाया गया कि यदि मच्छरों को बार-बार 'DEET' के संपर्क में लाया जाए, तो वे धीरे-धीरे इसके आदी हो जाते हैं और समय के साथ यह केमिकल उनके लिए बेअसर हो जाता है।
शोधकर्ताओं ने बताया कि मच्छर 'एसोसिएशन' (संबंध जोड़ना) के जरिए सीख रहे हैं। यह बिल्कुल रूसी वैज्ञानिक इवान पावलोव के उस मशह Read more...

जब AI खुद ही बनाने लगेगा नया AI: एंथ्रोपिक ने बताया क्या होगा इसका असर और कितना बड़ा है खतरा

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया बहुत तेजी से बदल रही है, लेकिन अब वैज्ञानिक एक ऐसी दहलीज पर खड़े हैं जो इंसानी इतिहास को हमेशा के लिए बदल सकती है। मशहूर AI कंपनी एंथ्रोपिक (Anthropic) के शोधकर्ताओं ने एक नया खुलासा किया है कि क्या होगा जब एआई सिस्टम खुद ही अपने से बेहतर और एडवांस एआई मॉडल को विकसित (Build) करना शुरू कर देंगे। विशेषज्ञों का कहना है कि यह बदलाव विज्ञान के लिए एक बहुत बड़ी छलांग हो सकता है, लेकिन इसके साथ ही यह बेकाबू खतरों को भी बुलावा दे सकता है।
क्या है पूरा मामला?
इस अवधारणा को वैज्ञानिक भाषा में 'एआई-फ्यूल्ड एआई डेवलपमेंट' (AI-fueled AI development) या एआई का स्व-सुधार (Self-correction) कहा जाता है। एंथ्रोपिक के सह-संस्थापक और मुख्य वैज्ञानिक जेयर्ड कपलान ने समझाया कि वर्तमान में इंसान ही एआई को ट्रेन करते हैं और उसका कोड लिखते हैं। लेकिन, अब एआई मॉडल इस कदर सक्षम हो रहे हैं कि वे खुद ही नए एआई मॉडल के लिए कोडिंग कर सकते हैं, उनमें Read more...

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